उत्तर प्रदेश में हैरिटेज वॉक

हैरिटेज वॉककहानियों में, इतिहास के पन्नों में और संस्कृति के सान्निध्य में उत्तर प्रदेश की गाथायें भरी पड़ी है। बस, टैक्सी या ट्रेन किसी भी माध्यम से उत्तर प्रदेश के सभी जगहों को पूरी तरह घूम पाना किसी एक व्यक्ति के लिए नामुमकिन जैसा है, इसीलिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सैर-ए-विरासत यानी हैरिटेज वॉक का तरीका अपनाया है जो आगरा, लखनऊ, इलाहाबाद और वाराणसी शहरों में बखूबी लोकप्रिय है। जो सैलानी पूरे शहर के विभिन्न स्थलों को देखने के शौकीन है, उनके लिए ये बेहतरीन है। ये सैर-ए-विरासत शहरों के बीते इतिहास, गाथाएं और संस्कृतियों को समझने का सबसे सटीक उपाय है।

लखनऊ की सैर-ए-विरासत

लखनऊ की हैरिटेज वॉक पुराने शहर की मार्गदर्शित सैर है जिसे दो हिस्सों में बांटा गया है - केसरबाग सैर और चौक सैर। ये सैर लाल पुल से शुरू होकर टीले वाली मस्जिद, बडा इमामबाडा, गोल दरवाजा, चौक बाजार, फूल वाली गली से होकर अकबरी दरवाजे से होकर गुजरती है। लखनऊ के होने के वजूद की खोज लेने से लेकर इसके इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को जानने का ये सबसे अच्छा जरिया है। एक अनुभवी गाइड जिज्ञासाओं और रोमांचक कौतूहलों के जवाबों के लिए सैलानियों के मार्गदर्शन के लिए उनके साथ रहता है। ये सैर रोजाना सुबह 07:30 से 10 बजे तक (अप्रैल से सितंबर) और 8 बजे से 10:30 बजे (अक्टूबर से मार्च) के बीच एक तय कार्यक्रम की तरह है।कैसरबाग सैर-ए-विरासत की शुरुआत जनरल कोठी से शुरू होकर कोठी फरहत बख्श, बडी छत्तर मंजिल, लाल बारादरी, कोठी गुलिस्तान ए एराम, छोटी छत्तर मंजिल, कोठी दर्शन विलास, शेर दरवाजा, विक्टोरिया मेमोरियल, गोल गेट, मुर्शिद जादी का मकबरा, पाकीखाना, मरमरी पुल, लखी गेट, कोठी रौशन-उद-दौला, सफेद बारादरी, चौलखी गेट, अमीर-उद-दौला पुस्तकालय और अंततः केसरबाग चौराहे पर आकर खत्म होती है।दूसरी हैरिटेज वॉक यानी चौक सैर-ए-विरासत हार्डिंग ब्रिज से आरंभ होती है, फिर शाह पीर मुहम्मद के मकबरे से होकर टीले वाली मस्जिद, नौबतखाना, आसाफी इमामबाडे के पहले प्रवेशद्वार, इमामबाडे के बागान, बडा इमामबाडा के दूसरे प्रवेशद्वार, शाही बावड़ी(बाओली), बडा इमामबाडा, आसाफी मस्जिद, मुसाफिरखाना, रूमी दरवाजा, गोल दरवाजा, चौक कोतवाली, किंग्स यूनानी अस्पताल के प्रवेश मार्ग, कप्तान का कुंआ, फिरंगी महल, नेपाली हवेली, ऐनक वाली मस्जिद, मीर अनीस का मकबरा, मीर अनीस की हवेली, तेहसीन की मस्जिद, अकबरी दरवाजे से होते हुए चौक हेरिटेज वॉक अहमद मंजिल पर आकर समाप्त होती है।

इलाहाबाद हैरिटेज वॉक

इलाहाबाद हैरिटेज वॉक एक सुव्यवस्थित मार्गदर्शित सैर है जो इलाहाबाद को पूरी तरह जानने का सहजतम तरीका है, साथ ही ये इलाहाबाद को पर्यटन स्थल हेतु बढावा देने की पहल भी है। इस सैर के रास्ते अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित पर्यटन व्यवस्था के अनुरूप है जो सैलानियों को न सिर्फ स्मारकों - स्थापत्यों को घूमने में सहायक है बल्कि स्थापत्यों की कला-विधा और इतिहास की जानकारी भी उपलब्ध कराता है।इलाहाबाद की सैर-सपाटे के लिए भी दो रास्ते है - इलाहाबाद सैर और संगम सैर। इलाहाबाद सैर अल्फ्रेड पार्क या चंद्रशेखर आजाद पार्क से आरंभ होती है फिर इलाहाबाद संग्रहालय, थोर्नहिल-मैने मेमोरियल, मेअर सैंट्रल कॉलेज, गणित विभाग, वनस्पति विज्ञान विभाग, यूनिवर्सिटी रोड, प्राचीन इतिहास संस्कृति और पुरातत्व विभाग, केंद्रीय पुस्तकालय, सीनेट हाल, के पी ट्रेनिंग कॉलेज, बेल्वेडैर प्रिंटिंग वर्क्स, पवित्र ट्रिनिटी गिरजाघर, जवाहर बाल भवन, स्वराज भवन से होते हुए आनंद भवन पर समाप्त होती है। संगम वॉक यानी की दूसरी सैर शंकर विमान मंडपम् से शुरू होकर बड़े हनुमान जी के मंदिर, द कलर्स औफ इलाहाबाद, कुंभ एवं माघ मेला स्थल, राम घाट, गंगा नदी, त्रिवेणी संगम, नैनी बैराज, यमुना नदी, इलाहाबाद किला और अंत में अक्षय वट पर खत्म होती है।

आगरा की सैर-ए-विरासत

ताजमहल के अलावा आगरा में मुगलों की शानदार विरासत है जिसे सैलानियों से रूबरू कराने के लिए आगरा हैरिटेज वॉक के दो रूट बनाये गये है जो शहर के अतीत और संस्कृति की बढिया झलक देते है। ये दो सैर हैं - बिआन्ड ताज वॉक और ग्रेट मुगल साइड वॉक।ताज से परे पहली सैर ताजमहल से होकर संदली मस्जिद, बन-वालों की बगीची, दरगाह अहमद बुखारी, हाथीखाना से होकर खान-ए-दौरान की हवेली पर खत्म होती है। दूसरी सैर यानी महान् मुगलों की नदी किनारे वाली सैर में बत्तीस खंभा पहला पड़ाव है, फिर गौशाला, रामबाग, जोहरा बाग, चीनी का रोजा, इत्माद-उद्-दौला का मकबरा, ग्यारह सीढ़ी से होता हुआ महताब बाग में समाप्त होता है।

वाराणसी हैरिटेज वॉक

बनारस की सैर "सुबह-ए-बनारस" नाम के अनुरूप सुबह की सैर है। ये सुंदर सैर सैलानियों को गंगा नदी के घाटों पर ले जाती है जहाँ प्रभात रागों के मद्धम स्वर में, योग में और स्वादिष्ट नाश्ते में आनंद की अनुभूति होती है। साथ ही काशी के मंदिर किसी के भी मन को मोहने के लिए इस सैर का हिस्सा है।

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