आध्यात्मिक

उत्तर प्रदेश में धर्म का बहुत महत्व है। उत्तर प्रदेश में हिंदू तीर्थयात्रा बहुत प्रसिद्ध है और देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ पूरे विश्व से वर्षभर तीर्थ यात्रियों को आकर्षित करती है। यहाँ स्थित तीर्थस्थलों और पवित्र स्थानों के दर्शन करने के लिए भक्त आते हैं। इन प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की यात्रा के बिना उत्तर प्रदेश की यात्रा अधूरी है। उत्तर प्रदेश तीर्थ स्थलों में समृद्ध है और ऐसे कई शहर हैं, जिन्हें भक्तों और तीर्थ यात्रियों द्वारा पवित्र माना जाता है। जैसे वाराणसी, मथुरा, वृंदावन, सारनाथ, अयोध्या आदि। उत्तर प्रदेश में विभिन्न जातियाँ और समुदाय हैं और सभी अपने-अपने धर्मों का अभ्यास करते हैं, इसकी सुंदरता इनके साहचर्य में झलकती है। अतः वे सभी एकता और शांति से साथ-साथ रहते हैं। सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश विभिन्न धर्मों के आस्था केन्द्रों से सुशोभित धार्मिक स्थानों से भरा हुआ है। ये स्थल पूरे वर्ष तीर्थयात्रियों और धर्म के प्रति उत्साही लोगों को आकर्षित करते रहते हैं। उत्तर प्रदेश के ये शहर और कस्बे मंदिरों और तीर्थयात्रियों के कारण ही लोकप्रिय नहीं हैं, बल्कि इसका अन्य महत्वपूर्ण कारण इनके अति सुंदर भौगोलिक और प्राकृतिक परिदृश्य भी हैं। उत्तर प्रदेश में इन तीर्थ केंद्रों की यात्रा गहरे स्तर पर धर्म और शांति का अनुभव करवायेगी। ये मंदिर और तीर्थस्थल आध्यात्मिकता जनित करते हैं और आंतरिक शांति प्राप्त करने में सहायता करते हैं। विभिन्न धार्मिक उत्सव और मेले इन पवित्र स्थानों पर विशेष आकर्षण के चलते धूमधाम से संपन्न होते हैं जहां भक्त बहुत बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं।

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उत्साहपूर्ण कार्य

उत्तर प्रदेश बहुत से अति सुंदर वन्यजीव अभयारण्यों और पक्षी अभयारण्यों का घर है। इन स्थानों पर पर्यटन, एक रोचक साहसिक यात्रा के रूप में, बेहतर अनुभव देता है। यहाँ पर्यटन के लिए नौका विहार जैसे मनोरंजक साधन भी उपलब्ध है। वन्यजीवों के साथ-साथ प्राकृतिक वनस्पतियों और जीवों का अनुभव करने के लिए आगंतुक यहां हर साल बड़ी संख्या में आते हैं। ये वन्यजीव अभयारण्य कुछ हद तक जोखिम भरे भी हैं। ये सभी प्रकार के जानवरों और प्रवासी पक्षियों की मेजबानी भी करते हैं। इन जगहों पर सैर सपाटे से निश्चित रूप से आपको उत्साहपूर्ण अनुभव होंगे। उत्तर प्रदेश के ये वन्यजीव स्थल सैलानियों को अभूतपूर्व अनुभव करा सकते हैं। आपकी यात्रा की योजना के लिए हर वांछनीय चीज उत्तर प्रदेश में उपलब्ध है।

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कला और शिल्प

प्रामाणिक कला और शिल्प के माध्यम से भारत को देखना एक अनोखा और अभूतपूर्व अलग सा अनुभव है। लोकप्रिय रूप से “भारत के केन्द्र-स्थल ” के रूप में जाने जाने वाले उत्तर प्रदेश को इसकी लंबी जीवंत कलात्मकता के कारण हमेशा प्रशंसा मिलती रही है। प्रस्तर-शिल्प, मिट्टी के बर्तन, चिकनकारी, जरी कढ़ाई, कांच के बने पदार्थ, कपड़ा छपाई, इत्र का आसवन और कालीन बुनाई उत्तर प्रदेश की कुछ खासियतें हैं। ये कलात्मक प्रयास प्रागैतिहासिक काल के से ही राज्य का एक हिस्सा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुगल शासनकाल में प्रस्तर शिल्प और स्थापत्य कला का विकास हुआ है। आगरा में ताजमहल जटिल नक्काशी, संगमरमर पट्टियों की कलाकृतियों और पुनर्निर्माण के बेहतरीन उदाहरणों में से एक है। मिट्टी के बर्तन राज्य में शिल्प का एक बहुत लोकप्रिय रूप है। मिट्टी से बने बर्तन सुंदर फूलों के कलाकृतियों और पैटर्न के साथ सुशोभित होते हैं। चिकनकारी एक कुशल कढ़ाई है, जो शिफॉन, काटन, जौर्जट आदि कपड़ों पर होती है। यह कढ़ाई लखनऊ से खरीदी जाने वाली सबसे लोकप्रिय बाजार वस्तुओं में शुमार है। ज़री कढ़ाई अपनी समृद्ध आभा के लिए प्रसिद्ध है। पारंपरिक धागे का काम वास्तविक सोने या चांदी से बने धागे का उपयोग करके किया जाता है। अतः इसकी सामग्री अधिक महंगी होती है।

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खरीददारी

उत्तर प्रदेश अपनी संस्कृति और विरासत में समृद्ध राज्य है। यह आगंतुकों को कई तरह की वस्तुओं की पेशकश करता है, यही वजह है कि यहाँ खरीददारी बहुत प्रसिद्ध है। राज्य में हस्तशिल्प की एक समृद्ध परंपरा है। इसके तहत कई प्रशंसनीय वस्तुएँ यहां बनती हैं, जिन्हें खरीदने के लिए खरीददार उत्सुक रहते हैं। यहाँ से खरीदी जा सकनी वाली प्रसिद्ध वस्तुएँ कपड़े, कालीन, कांच के सामान, कढ़ाई किये कपड़े, आभूषण, फर्नीचर, जूते, बर्तन, पत्थर के बर्तन, चमड़े की वस्तुएँ, इत्र, धातु के बर्तन, मिट्टी के सामान, हथकरघा सामान, मिठाई और अन्य खाद्य उत्पाद आदि हैं। वाराणसी अपनी बनारसी साड़ी, कढ़ाई, हस्त निर्मित वस्तुओं, कालीनों, मिठाईयों के लिए प्रसिद्ध है। मथुरा अपनी हस्तशिल्प वस्तुओं, स्मृति चिन्ह, मिठाई आदि के लिए लोकप्रिय है। चिकन कढ़ाई, आभूषण, फैशन सामग्री, इत्र, कबाब, मिठाई आदि वस्तुएं लखनऊ में प्राप्त की जा सकती हैं। बरेली अपनी छड़ी और लकड़ी के फर्नीचर के लिए जाना जाता है। मुरादाबाद के पीतल के बर्तन और धातु के सामान बेमिसाल हैं। खुर्जा में मिट्टी से बनाये गये बर्तन और शिल्प-वस्तुएँ अविश्वसनीय कृतियां मानी जाती है। आगरा में सबसे उत्तम वस्तुओं में हस्तनिर्मित वस्तुएँ, चमड़े के सामान और पत्थर के सामान गिने जाते हैं। फिरोजाबाद कांच के बने पदार्थ जैसे कंगन आदि के लिए सबसे अच्छा केंद्र है। कन्नौज का इत्र पूरे विश्व में बहुत प्रसिद्ध हैं। कानपुर वास्तविक चमड़े की वस्तुओं का केन्द्र है। इलाहाबाद में प्रामाणिक हस्तशिल्प वस्तुएँ आदि प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होती हैं।

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खेल

उत्तर प्रदेश कुछ प्रसिद्ध खिलाड़ियों का घर है, जैसे ध्यानचंद, सुरेश रैना, आर.पी. सिंह आदि। यहां मुख्यतः बैडमिंटन, टेनिस, वॉलीबॉल, जिम्नास्टिक और मैदान वाले खेल जैसे हॉकी, फ़ुटबॉल, एथलेटिक्स, ट्रैक क्रिकेट आदि विभिन्न खेल खेले जाते हैं। यहां मार्शल आर्ट्स का भी अभ्यास किया जाता है जैसे जूडो, कराटे, ताईक्वोनडो, फेन्सिंग, और किकबॉक्सिंग आदि। उत्तर प्रदेश में क्रिकेट की अच्छी खासी लोकप्रियता है। राज्य के खिलाड़ियों ने कई राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है, जैसे रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, और ईरानी ट्रॉफी आदि। प्रदेश के पास कई खेल शिक्षण, प्रशिक्षण कॉलेज और संस्थान हैं जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में फैले हुए हैं। इन्हीं से कई खेलों में प्रशिक्षण और शिक्षा प्रदान किये जाते हैं। योग्य खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है ताकि वे विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें। नोएडा में अंतर्राष्ट्रीय खेलों का अभ्यास करने के लिए एक विशाल स्टेडियम है। फैजाबाद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स दूसरा अच्छी तरह से सुसज्जित खेल परिसर है। इसमें एथलीटों के लिए उत्कृष्ट प्रशिक्षण और व्यायाम की सुविधा है। यहाँ खेल और प्रतियोगिताएँ आयोजित कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में बुद्ध अन्तर्राष्ट्रीय परिपथ भी है जो ग्रेटर नोएडा में भारतीय आधुनिक मोटर कार रेसिंग परिपथ है।

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त्योहार

उत्तर प्रदेश संस्कृति, परंपराओं और रीति-रिवाजों का केंद्र है। यहां पर धर्म और त्योहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां के लोग दिलोंजान से त्योहारों और मेलों के रूप में संस्कृति का जश्न मनाते हैं और इसीलिए विभिन्न त्योहारों का आयोजन उत्तर प्रदेश में समान उत्साह के साथ बारंबार किया जाता है। उत्तर प्रदेश में परंपरागत, धार्मिक और राज्य के सानिध्य तरह-तरह के त्योहार मनाये है। ये त्यौहार मानव जीवन, रिश्तों और प्राचीन परंपराओं के बहुआयामी संदेशों से भरे हुए होते हैं। दीपावली, दशहरा, शिवरात्रि आदि समूचे राज्य में हर्षोल्लास के साथ मनाए जाते हैं। उत्तर प्रदेश में मनाए जाने वाले  मेलों और त्यौहारों में राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक भी भाग लेते हैं।

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परिवार

उत्तर प्रदेश अपनी विरासत और संस्कृतियों के मेल के लिए सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यह भारत में सबसे अधिक यात्रा किये जाने वाले स्थानों में से एक है जो इसे परिवार के साथ यात्रा करने के लिए उपयुक्त बनाता है। यह राज्य अपने प्रियजनों के साथ दर्शनीय लोकप्रिय स्थलों से भरा है। परिवार के प्रत्येक सदस्य की यात्रा-रुचि के अनुकूल यहाँ कई स्थल हैं। आगरा में रचनात्मक और विशाल स्मारक से लेकर मथुरा और वाराणसी के रंगीन मंदिरों, गलियों और घाटों तक; लखनऊ में नवाबी अनुभव और मुंह में पानी ले आने वाले व्यंजनों से लेकर अयोध्या और इलाहाबाद में आध्यात्मिक व्यवहार तक उत्तर प्रदेश विविध अनुभवों से भरा हुआ है। यहाँ हर प्रकार के यात्री के लिए आकर्षण के कारक मौजूद हैं। इन सभी के अलावा वन्यजीवन, प्राकृतिक आकर्षण, रसोई का आनन्द और राज्य के खरीददारी केंद्र आपको जोश में लाने के लिये काफी है। उत्तर प्रदेश इतिहास और आधुनिकता का एक अनूठा मिश्रण है जो निश्चित रूप से परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक ऐसा अनुभव प्रदान करता है, जो वे चाहते हैं।

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फुर्सत के पल

उत्तर प्रदेश शाही संस्कृति और परंपराओं से समृद्ध राज्य है। मध्यकालीन समय से शाही सुलूक राज्य का एक हिस्सा रहा है। एक लोकप्रिय हिंदी कहावत के अनुसार, यहां माना जाता है कि हमारे मेहमान हमारे भगवान हैं। इसलिए हमारे आगंतुकों के लिए हमारा सलीका सबसे अच्छा होना चाहिए। राज्य में लुभावने और सुंदर दृश्यों के साथ अद्भुत स्थान हैं। उत्तर प्रदेश में भाव आध्यात्मिक, समृद्ध और शांत हैं। सर्वोत्तम होटल और व्यंजन यहाँ उत्तर प्रदेश में प्राप्त किये जा सकते हैं। आनन्दपूर्ण वातावरण में शामिल होना हो और स्वयं को सबसे अच्छा भोजन और आतिथ्य का अनुभव लेना हो तो उत्तर प्रदेश जरूर आएँ। राज्य में सुविधाएं युक्त होटल, सुंदर दृश्य और स्वादिष्ट भोजन सभी एक साथ उपलब्ध हैं।

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फोटोग्राफी

उत्तर प्रदेश अत्यधिक सौंदर्यशील वृहद्काय राज्य है, चाहे इसके स्मारक हों या पार्क, या फिर घाट, प्राकृतिक वन्यजीवन, नदियाँ, मंदिर इत्यादि। संस्कृति और परंपराओं के सभी अति सुंदर तत्वों को कैमरे में कैद करने के लिए यहाँ फोटोग्राफी करना आनंददायक है। यहाँ समय-समय पर त्योहार और मेले भी आयोजित किए जाते हैं जिसे पूरे विश्व के प्रख्यात फोटोग्राफर तथा साथ ही भारत के प्रसिद्ध फोटोग्राफर्स कवर करते हैं। फोटोग्राफी के लिये पर्यटकों को उत्तर प्रदेश के स्मारक पसंद आते रहे हैं। उत्तर प्रदेश के स्मारकों में अविश्वसनीय कलात्मकता और शिल्प कौशल शामिल हैं जो कि फोटोग्राफर्स द्वारा जीवंत किए जाने चाहिए। ऐसे कई स्मारक हैं जो विशिष्ट राजवंश की छाप को स्पष्ट रूप से धारण किये हुए हैं। ये अति प्रेरणादायक मानव रचनाएँ इतिहास, कला, वास्तुकला, व्यापार और भाषा के असंख्य पहलुओं की प्रतिनिधि हैं। इनके साथ यहाँ विभिन्न वन्यजीव अभयारण्य और पर्यावरण उद्यान हैं जो फोटोग्राफी के लिए खूबसूरत और उपयुक्त हैं। उत्तर प्रदेश में विभिन्न घाट मौजूद हैं जो फोटोग्राफी के लिए आकर्षण का केन्द्र हैं। उत्तर प्रदेश अपने हस्तशिल्प और कलाकृतियों के लिए भी प्रसिद्ध है, जो कारीगरों द्वारा खूबसूरती से बनाई जाती है। फोटोग्राफी करते हुए ये चित्त प्रसन्न कर देने वाले अनुभव,लळ उत्तर प्रदेश की परंपराओं और संस्कृति को प्रतिबिंबित करते हैं।

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भोजन

उत्तर प्रदेश विभिन्न संस्कृतियों को खुद में आत्मसात कर लेने वाला सूबा है। इस सूबे का वैविध्य इस तथ्य से देखा जा सकता है कि यह राज्य, यहाँ मौजूद विभिन्न शहरों के आधार पर अलग-अलग खाद्य क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। उत्तर प्रदेश को भोजन का स्वर्ग कहना गलत नहीं है क्योंकि यहाँ हर व्यक्ति को अपने स्वाद को संतुष्ट करने के लिये बहुत कुछ मिलता है। यहां सैलानी मीठा, सुगंधित, मसालेदार, तीखा आदि सभी प्रकार के फ्लेवर और व्यंजनों का अनुभव कर सकते हैं। यहाँ का भोजन विविध पकवान मेन्यू के खाने के शौकीनों को स्वर्गानुभूति देने वाला है। संक्षिप्त में कहे तो, ऐसा विविधतापूर्ण लजीज खाना और कहीं नहीं मिल सकता है। कई व्यंजन, विभिन्न खाद्य पदार्थ, अनोखे मसाले, जड़ी-बूटियों के साथ तैयार किए जाते हैं और कुछ तो सूखे मेवों से सजाए भी जाते हैं। इन तरह-तरह की विधियों से तमाम व्यंजनों में अपनी विशिष्ट स्वादिष्टता और सुगन्ध उत्पन्न होती है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ शहर अपने नवाबी व्यंजनों के लिए लोकप्रिय है। क्षेत्र के रसोइयों ने खाना पकाने की दम शैली इज़ाद की है यानि धीमी आँच पर खाना पकाने की कला का आविष्कार किया, जो खूब लोकप्रिय हुई और अब शहर का पर्याय बन गई है। शहर में एक विस्तृत भोजन-सूची है जिसमें कबाब, कोरमा, रूमाली रोटी, बर्की रोटी, ज़रदी, बिरयानी और भी बहुत कुछ शामिल है।

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मनोरंजन

वास्तव में उत्तर प्रदेश राज्य गंगा-जमुनी तहजीब का अगुआ और एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है। विभिन्न समुदायों के मेलों और त्योहारों को विशाल धूमधाम और गौरव के साथ हर व्यक्ति द्वारा मनाया जाता है। यहां हमारे देश की समृद्ध और शानदार सांस्कृतिक विरासतें दर्शनीय है। उत्तर प्रदेश भारत के विभिन्न पर्यटन स्थलों में से एक है और इसमें कुछ बेहतरीन वन्यजीव अभयारण्य भी हैं। उत्तर प्रदेश हर साल कई पर्यटकों को आकर्षित करता है। इसके पर्यटकों के आकर्षण ऐतिहासिक शहरों, तीर्थ स्थल, वन्यजीव अभ्यारण्य और साहसिक स्थलों के आसपास हैं। उत्तर प्रदेश में त्योहार एक व्यक्ति को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से जाग्रत कर सकता है। यहां के क्षेत्र और पर्यटन स्थल भारत के सबसे जीवंत स्थानों में से हैं। उत्तर प्रदेश में संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करने वाले कुछ बेहतरीन स्मारक हैं और ये उत्तम पर्यटन स्थलों के रूप में प्रतिष्ठित हैं। यह भगवान कृष्ण, राम, बुद्ध और शिव की भूमि है। यह भूमि ऐतिहासिक और आधुनिक दुनिया का एक उत्तम मिश्रण है, जो यहाँ आने वाले हर व्यक्ति को विभिन्न अनुभव प्रदान करता है। इस राज्य में वो सब कुछ है, जो व्यक्ति अवकाश के दिनों में पूरे भारत में खोजता है। उत्तर प्रदेश में हर कोई संस्कृति, व्यंजन और परंपराओं के एकीकरण का अनुभव करता है।

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युगल

अपने प्रेमी के साथ यात्रा करने के लिए और प्यार के लम्हें तलाशने के लिए एक प्रसिद्ध पर्यटन केन्द्रों का सूबा है। आगरे के ताजमहल को प्रेमी युगलों के लिए राज्य में प्रेम का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। हर जोड़े की गन्तव्य स्थलों की इच्छा सूची में ताज महल अवश्य होता है। यह शाश्वत सौंदर्य है और इसका आकर्षण अवश्य देखना चाहिए। इसके अलावा पर्यटन स्थलों की सैर, स्मारक, उत्साह और साहस भरे स्थल, वन्यजीव अभयारण्य, त्योहार और मेले, मंदिर, तीर्थ स्थल, नदियाँ, घाट ये कुछ चीजें हैं जो आप उत्तर प्रदेश में यात्रा करते समय अनुभव कर सकते हैं। पर्यटक विभिन्न प्रकार के पारंपरिक नृत्य रूप जैसे चारखुला नृत्य, रासलीला, कथक आदि और सुखद लोक संगीत का अनुभव करके उत्तर प्रदेश में अपनी यात्रा का आनंद ले सकते हैं। उत्तर प्रदेश उन जोड़ों के लिए भी आनन्द स्थल है, जो नए व्यंजनों को खाना और चखना पसंद करते हैं। वास्तुकला, आध्यात्मिकता और पाककला की एक विशाल विविधता के साथ उत्तर प्रदेश निश्चित रूप से ऐसा राज्य है जहाँ आप आना पसंद करेंगे।

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वन्य-जीवन

उत्तर प्रदेश कई अति सुंदर वन्यजीव और पक्षी अभयारण्यों का घर हैं। यहाँ हर साल बड़ी संख्या में आगंतुक आते है जो वन्य जीवन के साथ-साथ प्राकृतिक वनस्पतियों और वन्यजीवों से रूबरू होते हैं। ये वन्यजीव भंडार विभिन्न जानवरों और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आये प्रवासी पक्षियों का घर है। उत्तर प्रदेश के वन्यजीव और पक्षी भंडार निम्नलिखित हैं-दुधवा टाइगर रिजर्व- ये अत्यन्त विविधता वाली और उत्पादक तराई पर्यावरण-प्रणाली के शेष बचे कुछ बेहतरीन पर्यावासों में से एक है।कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य दुधवा टाइगर रिजर्व का एक हिस्सा है। यह दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य के साथ प्रबंधित किया जाता है।चंबल वन्यजीव अभयारण्य उन अभयारण्यों में से एक है, जो गंगा की कई डॉल्फिन्स को आश्रय प्रदान करता है। सुर सरोवर (कीथम) पक्षी अभयारण्यों में से एक है, जो प्रवासी और निवासी पक्षियों के लिए आश्रय प्रदान करता है। नवाबगंज पक्षी अभयारण्य लखनऊ-कानपुर राजमार्ग के बीच में स्थित है। साइबेरियाई क्रेन्स यहाँ पर विश्राम करने वाले प्रवासी पक्षी प्रजातियों की श्रेणी में से एक हैं। चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य उन अभयारण्यों में से एक है जिसमें प्रकृति के विस्तृत और सुन्दर दृश्यों को घने जंगल और झरने के साथ दिखाया गया है।सुहेलवा वन्यजीव अभयारण्य, सरस्वती, बलरामपुर और गोंडा जिले में स्थित है और नेपाल में महादेवपुरी के जंगल से जुड़ा हुआ है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व उत्तरप्रदेश के पीलीभीत जिले, लखीमपुर खेरी जिले और बहराइच जिले में स्थित है। पीलीभीत बाघ अभयारण्य अत्यन्त विविधता वाली और उत्पादक तराई पर्यावरण-प्रणाली के शेष बचे कुछ बेहतरीन उदाहरणों में से एक हैं।

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विरासत

उत्तर प्रदेश संस्कृति, रीति-रिवाजों और परंपराओं का केंद्र है। यह महान इतिहास और कहानियों की भूमि है। इन कहानियों को न सिर्फ पढ़ा जाता है बल्कि इन कहानियों ने प्रतिष्ठित स्मारकों और संरचनाओं के रूप में गढ़ा भी गया है। यह राज्य दो महान् महाकाव्यों-रामायण और महाभारत की कथाओं का साक्षी रहा है, जिनकी समृद्ध विरासत और संरचनाओं के रूप में इनके साक्ष्य यहाँ शेष हैं। यह वही देश है जहाँ हिंदुत्व ने धर्म का आकार लिया था, जिसकी मौजूदगी आज यहां सबसे बड़े पैमाने पर है। यह वह प्रदेश है जहाँ महान शासकों और सम्राटों ने अपने अस्तित्व को रचनात्मक और कुशलता पूर्वक बनाई गई भव्य इमारतों के रूप में चिह्नित किया है, जो कि अभी भी पर्यटकों को आश्चर्यचकित करने के साथ अवाक् कर देती हैं। उत्तर प्रदेश पर्यटकों को एक जादुई अनुभव पर ले जाता है और उन्हें इस अभूतपूर्व राज्य की कला और इतिहास को जानने में मदद करता है। कई शहर विरासत, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहलुओं से समृद्ध हैं। आगरा क्षेत्र, लखनऊ क्षेत्र और वाराणसी क्षेत्र, उनमें से कुछ हैं। इसके अलावा भी कई अन्य महत्वपूर्ण स्थल हैं। उत्तर प्रदेश की विरासत अपने सुंदर और शानदार स्मारकों से दर्शकों के दिल को लुभाने के साथ आंखों को भी आनन्द देती है। उत्तर प्रदेश में यात्रियों के ये अनुभव समृद्ध इतिहास और विरासत को करीब से जानने में उनकी मदद करते हैं।

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साहित्य

उत्तर प्रदेश हमेशा भाषाओं में समृद्ध रहा है। राज्य में प्रचलित भाषाएँ हिंदी, संस्कृत, उर्दू, अवधी, ब्रज भाषा, अंग्रेजी, भोजपुरी, बुन्देली और कन्नौजी आदि हैं। उत्तर प्रदेश कालिदास, तुलसीदास, केशवदास और सूरदास जैसे प्रसिद्ध लेखकों की भूमि है। यह भूमि दो महानतम संस्कृत महाकाव्यों रामायण और महाभारत की साक्षी रही है। साहित्य के प्रमुख स्थान वाराणसी, अवध और इलाहाबाद हैं। प्राचीन काल से वाराणसी, विद्वान् व्यक्तियों द्वारा विभिन्न विषयों और दर्शन पर आधारित धार्मिक और शैक्षणिक बहस में भाग लेने के लिये प्रमुख केंद्र रहा है। उत्तर प्रदेश हिंदी और उर्दू जैसी भाषाओं के लिए मुख्य केंद्र है। यह राज्य महान लेखकों और कवियों की स्थली भी रहा है, जैसे हरिवंश राय बच्चन, मुंशी प्रेमचंद, श्रीकांत वर्मा, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला', सुमित्रा नंदन पंत और महावीर प्रसाद द्विवेदी आदि। फ़िराक गोरखपुरी, जोश मलिहाबादी, अकबर इलाहाबादी, मज़ाज़ लखनवी, कैफी आजमी, अली सरदार जाफरी, शकील बदायुनी और निदा फाज़ीली कुछ उर्दू कवियों और लेखकों के नाम हैं, जिन्होंने राज्य के समृद्ध साहित्य की ओर योगदान दिया है।

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स्वास्थ्य

अपनी प्रामाणिक और अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण उत्तर प्रदेश एक स्वस्थ पर्यटन हेतु सदैव प्रमुख सूबा रहा है। एक यात्री के शरीर को शारीरिक रूप से तन्दुरुस्त ही नहीं होना चाहिए बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ होना चाहिए। इन दोनों को योग से प्राप्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य के लिए यात्रा करना आपके जीवन को उत्साह से भरने और फिर से जीवंत बनाने के लिए एक अद्भुत मिश्रण हो सकता है। अच्छा स्वास्थ्य आपको अपने अन्त:करण के करीब ले जाता है। ध्यान आपकी एकाग्रता के निर्माण में मदद करता है और सही मुद्रा या आसन शरीर को खिंचाव और लचीलापन देता है। उत्तर प्रदेश राज्य में ये तीन योग और अच्छे स्वास्थ्य के प्रमुख स्थान हैं। पृथ्वी पर बसे सबसे पुराने शहरों में से एक, वाराणसी का सार ही “विश्वास” है। यह माना जाता है कि यहाँ की यात्रा, जन्म और पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति की ओर एक कदम हो सकती है। मथुरा और पवित्र गोवर्धन भी योग के लिए जीवंत स्थानों के रूप में लोकप्रिय हैं। कई केंद्र, आश्रम और संस्थान हैं जहां योग का अभ्यास किया जाता है और साथ ही सिखाया जाता है। पूरे विश्व के आगंतुक योग और हमारी सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि के अनुभव के लिए राज्य की यात्रा करते हैं।

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