साहित्य

उत्तर प्रदेश हमेशा भाषाओं में समृद्ध रहा है। राज्य में प्रचलित भाषाएँ हिंदी, संस्कृत, उर्दू, अवधी, ब्रज भाषा, अंग्रेजी, भोजपुरी, बुन्देली और कन्नौजी आदि हैं। उत्तर प्रदेश कालिदास, तुलसीदास, केशवदास और सूरदास जैसे प्रसिद्ध लेखकों की भूमि है। यह भूमि दो महानतम संस्कृत महाकाव्यों रामायण और महाभारत की साक्षी रही है। साहित्य के प्रमुख स्थान वाराणसी, अवध और इलाहाबाद हैं। प्राचीन काल से वाराणसी, विद्वान् व्यक्तियों द्वारा विभिन्न विषयों और दर्शन पर आधारित धार्मिक और शैक्षणिक बहस में भाग लेने के लिये प्रमुख केंद्र रहा है। उत्तर प्रदेश हिंदी और उर्दू जैसी भाषाओं के लिए मुख्य केंद्र है। यह राज्य महान लेखकों और कवियों की स्थली भी रहा है, जैसे हरिवंश राय बच्चन, मुंशी प्रेमचंद, श्रीकांत वर्मा, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला', सुमित्रा नंदन पंत और महावीर प्रसाद द्विवेदी आदि। फ़िराक गोरखपुरी, जोश मलिहाबादी, अकबर इलाहाबादी, मज़ाज़ लखनवी, कैफी आजमी, अली सरदार जाफरी, शकील बदायुनी और निदा फाज़ीली कुछ उर्दू कवियों और लेखकों के नाम हैं, जिन्होंने राज्य के समृद्ध साहित्य की ओर योगदान दिया है।

महत्वपूर्ण स्थल

शंसापत्र