संगम और घाट के बारे में

संगम, इलाहाबाद में सिविल लाइंस से लगभग 7 किमी की दूरी पर स्थित है,यहीं कुम्भ मेला आयोजित किया जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार यहाँ भारत की तीन पवित्र नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है । गंगा और यमुना का उद्गम हिमालय से होता है जबकि सरस्वती का उद्गम अलोकिक माना जाता है । कुछ प्राचीन ग्रंथों में उल्लेख है कि सरस्वती का उद्गम गंगा- यमुना के मिलन से हुआ है। कुछ लोग इसका उद्गम सतह के नीचे से मानते हैं। तीन नदियों के पवित्र संगम के कारण ही इसे त्रिवेणी संगम कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि यहाँ अमृत की बूंदें गिरी थी इसीलिए इसे तीर्थराज कहा जाता है। किला घाट से नौकाएँ लेकर वह वास्तविक स्थान देख सकते हैं जहाँ तीनों नदियाँ मिलती हैं। ऐसी मान्यता है कि संगम में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु अपने प्रियजनों की मृत्यु के बाद उनकी मोक्ष प्राप्ति हेतु उनकी अस्थियां यहाँ विसर्जित करते हैं। घाट भीड़ से भरे रहते हैं। पास में सरस्वती और नेहरू घाट हैं जहाँ शाम को आरती होती है।

खुला

रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरूवार, शुक्रवार, शनिवार

खुलने का समय

5:00 AM - 7:00 PM

पसंदीदा समय

7:00 AM - 8:00 AM

अतिरिक्त टिकट विवरण

नाव की सवारी लागत - ₹ 80 से 400 रुपये, किला घाट से संगम और पीछे की यात्रा।