श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर के बारे में

शहर के मुख्य देव भगवान शिव को समर्पितश्री काशी विश्वनाथ मंदिर एक प्रमुख पवित्र आकर्षण है। बारह ज्योतिर्लिंगों में सेएक शिवलिंग इस मंदिर में है। यह प्रकाश का अग्निमय स्तंभ है, जिसके द्वारा भगवान शिवने अपने दिव्य वर्चस्व को चिन्हित किया। ऐसा प्रतीत होता है मानो वे पृथ्वी की सतहको तोड़ कर स्वर्ग की ओर प्रकाश रूप में चमक रहे हैं। वर्तमान मंदिर इंदौर की रानीअहिल्याबाई होल्कर ने 1776 में बनाया था, हालांकि तत्कालीन समय से पहले भी श्री काशीविश्वनाथ मंदिर अस्तित्व में था। महाराजा रणजीत सिंह द्वारा शिखर को लगभग 800 किलोसोने से जड़वाया गया था, इसलिए इसे वाराणसी में स्वर्ण मंदिर के रूप में भी जाना जाताहै। पिछली शताब्दियों में मंदिर का कई बार पुनर्निर्माण हुआ है। वाराणसी का दूसरा नामपर इस मंदिर के नाम पर काशी है। इस तीर्थ का प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे स्कंद पुराणमें भी उल्लेख मिलता है। यहाँ का भक्तिपूर्ण माहौल प्रत्यक्ष रूप से अनुभव होता है।मंदिर की पवित्रता हजारों मील की यात्रा कर आने वाले तीर्थयात्रियों की भक्ति से औरबढ़ती प्रतीत होती है। यहां मंत्रों का जप होता है और घंटियाँ निरंतर बजती रहती है।प्राँगण के भीतर कई छोटे मठ हैं। यहां शिव के बैल नन्दी की एक 2.1 मीटर ऊँची प्रतिमाप्रतिष्ठापित है। वाराणसी की यात्रा के दौरान यहाँ की आरती सबसे ज्यादा प्रभावशालीअनुभवों में से एक है।

खुला

रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरूवार, शुक्रवार, शनिवार

खुलने का समय

4:00 AM - 11:00 PM

पसंदीदा समय

6:00 PM - 9:00 PM

यात्रा सम्बंधी सुझाव

मंदिर अक्सर भक्तों की भारी संख्या से भरा रहता हैं इसलिये दर्शन के लिए कतार में चलें।

मंदिर की ओर जाने वाली सड़क फिसलन भरी है इसलिए आरामदायक जूते पहनें।

मंदिर परिसर में कैमरा, मोबाइल फोन और अन्य गैजेट की अनुमति नहीं है।

आपके सामानों की सुरक्षा के लिए मंदिर के बाहर लॉकर उपलब्ध कराए जाते हैं।