विश्राम घाट के बारे में

यमुना नदी के किनारे स्थित विश्राम घाट शहर में सबसे लोकप्रिय घाट है। विश्राम का मतलब आराम करना है, यह माना जाता है कि अपने बुरे मामा कंस को मारने के बाद भगवान कृष्ण और उनके साथ भगवान बलराम ने यहाँ विश्राम किया था। यमुना नदी में  दीपदान और मंत्र जाप के साथ इस घाट पर सांय कालीन आरती का आयोजन होता है। यह सब कुल मिलाकर एक सार्थक अनुभव प्रदान करता है। इस घाट पर मुख्य मंदिर देवी यमुना को समर्पित है, जो सजीले कपड़े, सिर पर गहनों से सुशोभित मुकुट और ताजे फूलों की माला पहने हुए हैं। यहाँ यात्रा करने योग्य अन्य 25 सुरम्य घाट हैं।