सारनाथ

वाराणसी से 10 किमी की दूरी पर स्थित, सारनाथ एक महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। बोध गया में ज्ञान प्राप्त करने के बाद भगवान बुद्ध ने यहाँ अपना पहला धर्मोपदेश दिया था। उनका पहला धर्मोपदेश महा धर्मचक्रप्रवर्तन के रूप में पवित्र है,जिसका अर्थ है 'धर्म चक्र की गति'। भगवान बुद्ध के समय इस क्षेत्र को हिरणों के रहने वाले घने जंगल के कारण इसे ऋषिपट्टन या इसिपटन और मृगदावा कहा जाता था। अपने शासनकाल में सम्राट अशोक भगवान बुद्ध के प्रेम और शांति के संदेश का प्रचार प्रसार करने सारनाथ आए और यहाँ ईसा पूर्व 249 में  एक स्तूप का निर्माण करवाया। आज सारनाथ बौद्ध पंथ के मुख्य स्थलों में से एक है, जो दुनिया भर से अनुयायियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। शहर मठ, स्तूप और एक संग्रहालय के साथ सुशोभित है।

मुख्य आकर्षण

सारंगनाथ मंदिर

भगवान शिव को समर्पित इस प्राचीन मंदिर में एक ही अर्घ में दो शिवलिंग हैं। यह श्रावण माह (जुलाई-अगस्त) के दौरान जारी रहने वाले अपने भव्य मेले के लिए प्रसिद्ध है। इसके पास में विशाल सारंगनाथ कुंड है।

चौखंडी स्तूप

चौखंडी स्तूप ईंट की एक विशाल मीनार है, जिसका वर्गाकार भवन अष्टकोणीय टॉवर से घिरा हुआ है। गुप्त अवधि के दौरान चौथी से छठी शताब्दी के बीच स्तूप बना था। यह स्थल बौद्ध भक्तों के लिए अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि भगवान बुद्ध ज्ञान...

मूलगंध कुटी विहार

यह उल्लेखनीय है कि श्रीलंकाई बौद्ध संत श्री अंगारिका धर्मपाल ने सारनाथ के लगभग सभी बौद्ध स्थलों को पुनर्जीवित किया और भारत में महा बोधी सोसाइटी की स्थापना की। सोसाइटी ने मूल मूलगंध कुटी विहार की पुण्य स्मृति में नई मूलगंध...

सारनाथ में ख़ास


भोजन

उत्तर प्रदेश भोजन प्रेमियों के लिए विभिन्न विकल्पों की पेशकश करने वाले विविध व्यंजनों का देश है। पहले कभी नहीं जैसे भोजन का अनुभव करने के लिए राज्य पर जाएं।

आयोजन

उत्तर प्रदेश विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का मिश्रण है जिसमें विभिन्न आयोजनों और त्योहारों का आयोजन किया जाता है। समृद्ध संस्कृति का अनुभव करने के लिए राज्य पर जाएं।

मुख्य कार्य कलाप

उत्तर प्रदेश विविधता, संस्कृति, रीति-रिवाजों और परंपराओं का केंद्र है। अंतहीन गतिविधियों का अन्वेषण करें और इसमें शामिल हों।

शंसापत्र

कैसे पहुंचे?

फ्लाईट

निकटतम हवाई अड्डा लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, बाबतपुर है। यह वाराणसी से 30 किलोमीटर दूर है।

बस

वाराणसी से सारनाथ तक नियमित बसें हैं। उत्तर प्रदेश के सभी बड़े शहरों से सड़क के माध्यम से यहाँ पहुंच सकते है।

ट्रेन

निकटतम रेलवे स्टेशन वाराणसी रेलवे स्टेशन और सारनाथ रेलवे स्टेशन है, जो सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुडे हुए है।

आप अपने द्वारा चुनी गई ट्रैवल एजेंसियों की जानकारी पा सकते हैं