मथुरा-वृन्दावन

बृज भूमि के नाम से प्रसिद्ध मथुरा वृंदावन शहर शानदार मंदिरों से युक्त है, उनमें से ज्यादातर शहर के अधीष्ठ देवता “यहां के प्रथम नागरिक” भगवान कृष्ण को समर्पित हैं। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में स्थित मथुरा बृज वासियों, रिक्शा और शानदार दुकानों वाली कभी न समाप्त होने वाली गलियों का मेल है। ये मंदिर भक्तों को दिव्य युग में वापस ले जाते हुए भगवान कृष्ण के जीवन के विभिन्न चरणों को दर्शाते हैं। मथुरा हिंदुओं का एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है और भारत के सात पवित्र शहरों में से एक है। लगभग 5000 साल पहले इस स्थान पर भगवान कृष्ण का जन्म भगवान कृष्ण के मामा आततायी कंस की जेल में माता देवकी और वासुदेव के 8वें बच्चे के रूप में हुआ था। भूमि एक अद्भुत संस्कृति के साथ रंग गई है, जो आपके दिल को साथ ले जाने और आपकी आत्मा को छूने के लिए पर्याप्त है। वृंदावन मथुरा में एक पवित्र कस्बा/नगर है और ब्रज क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है जो हर साल लाखों तीर्थ यात्रियों को आकर्षित करता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने यहाँ अपना बचपन बिताया था। यहाँ तक ​​कि इस पवित्र स्थान की धूल को पवित्र माना जाता है और अक्सर भक्त इसे अपने माथे पर लगाते हैं। यह माना जाता है कि वृंदावन समय के साथ अपना अस्तित्व खो गया था। फिर 16वीं सदी में नबाद्वीप से आये संत चैतन्य महाप्रभु ने 1515 में वृंदावन की यात्रा के दौरान इसे फिर से खोजा और इसकी प्रतिष्ठा को पुनर्जीवित किया। आज ये हिन्दुओं का प्रमुख आस्था केंद्र है।

मुख्य आकर्षण

श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर

कृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर मथुरा का मुख्य तीर्थ स्थान है और भगवान कृष्ण इसके केंद्र बिन्दु है। मंदिर परिसर से पहले दुकानों से भरी एक संकीर्ण सड़क है जहाँ पर्यटकों की सुरक्षा जाँच की जाती है। अंदर आने के बाद शांति, स्थिरता और...

गीता मंदिर

यह मंदिर मथुरा वृंदावन सड़क पर पडता है। ये मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और बगीचे में एक शक्तिशाली स्तंभ के साथ संगमरमर और पत्थर का एक मिश्रित स्थापत्य है। लम्बे स्तम्भ पर महाकाव्य भगवद्‍गीता के श्लोक अंकित हैं। 

श्री रंगजी मंदिर

यह विशाल दक्षिण भारतीय-शैली का मन्दिर 1851 का है। यह मन्दिर एक व्यापारी द्वारा चिर प्रतीक्षित संतान प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु के प्रति कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। 30 मीटर ऊँचा गोपुरम, एक बडा कुंड और मुख्य आंगन में एक लंबा...

मथुरा-वृन्दावन में ख़ास


भोजन

उत्तर प्रदेश भोजन प्रेमियों के लिए विभिन्न विकल्पों की पेशकश करने वाले विविध व्यंजनों का देश है। पहले कभी नहीं जैसे भोजन का अनुभव करने के लिए राज्य पर जाएं।

आयोजन

उत्तर प्रदेश विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का मिश्रण है जिसमें विभिन्न आयोजनों और त्योहारों का आयोजन किया जाता है। समृद्ध संस्कृति का अनुभव करने के लिए राज्य पर जाएं।

मुख्य कार्य कलाप

उत्तर प्रदेश विविधता, संस्कृति, रीति-रिवाजों और परंपराओं का केंद्र है। अंतहीन गतिविधियों का अन्वेषण करें और इसमें शामिल हों।

शंसापत्र

कैसे पहुंचे?

फ्लाईट

निकटतम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह 178 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आगरा में खेरिया हवाई अड्डा मथुरा से 62 किलोमीटर दूर है। विशेष सुविधा प्राप्त उड़ानें वहां से केवल दिन में ही चलती हैं।

बस

मथुरा बसों के माध्यम से आगरा, दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। सीधे मथुरा आने के लिए किसी भी प्रमुख शहर से बसें उपलब्ध हैं।रेल बुकिंग / रेलमार्ग / रेल आरक्षण

ट्रेन

निकटतम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह 178 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आगरा में खेरिया हवाई अड्डा मथुरा से 62 किलोमीटर दूर है। विशेष सुविधा प्राप्त उड़ानें वहां से केवल दिन में ही चलती हैं।

पर्यटक मार्गदर्शक

  • नाम : सुधीर कुमार
  • मोबाइल : 8755549327
  • लाइसेंस : 890
  • ज्ञात भाषा : RUSSIAN, ENGLISH
  • नाम : मनोज कुमार सप्रा
  • मोबाइल : 7409104536
  • लाइसेंस : 569
  • ज्ञात भाषा : ENGLISH
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