विन्ध्य – वाराणसी परिपथ

वाराणसी शहर दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। पवित्र नदी गंगा के किनारे स्थित यह जगह सभी हिंदुओं, जैन और बौद्धों और अन्य लोगों के लिए एक पवित्र स्थान है। विंध्य-वाराणसी परिपथ क्षेत्र न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है बल्कि खनिज संपदा में भी सबसे समृद्ध क्षेत्रों में से एक है। इस परिपथ में तीनस्थल  वाराणसी, चुनार और विंध्याचल शामिल हैंऔर इनमें से प्रत्येक शहर का अपना सौंदर्य और महत्त्व है।

चुनार

चुनार शहर वाराणसी से 40 किमी दूर है। विंध्य पर्वतमाला में स्थित यह शहर धर्म, इतिहास और प्रकृति का एक अद्वितीय मिश्रण है। चुनार एक त्रिकोणीय क्षेत्रफल में बसा गंगा नदी के दाहिने किनारे और जिर्गो नदी के बाएं किनारे पर स्थित कस्बा है। गंगा के साथ विंध्य पर्वतों में एक-दिवसीय वन-विचरण (ट्रेकिंग) के लिए एक आदर्श स्थल है। चुनार में एक किला भी है जो कि गंगा नदी के किनारे एक ऐसा स्थान है जिसका सौंदर्य अविस्मरणीय है।

विन्ध्याचल

विंध्याचल मिर्जापुर के पास गंगा नदी के किनारे स्थित है और यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। इस जगह को “मंदिर नगर” के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि इसमें देवी विंध्यवासिनी, अष्टभुजा और कलिखोह विराजमान है, जो तीन शक्तिपीठ हैं। तीनों शक्तिपीठ मिलकर पवित्र त्रिकोण परिक्रमा का निर्माण करते हैं, जो यहाँ आने वाले तीर्थयात्रियों के बीच एक लोकप्रिय धार्मिक अनुष्ठान है। यह जगह दैवीय शक्ति और आशीषों का धाम कहा जाता है। पूरे साल इस मशहूर मंदिर में माथा टेकने के लिए भक्तों का तांता लगा...

वाराणसी

वाराणसी शहर भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक और वर्तमान में भी प्रमख नगरों में से एक है। यह शहर पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित है। यहाँ दशाश्वमेध जैसे प्रसिद्ध घाट और काशी विश्वनाथ मंदिर जैसे प्रसिद्ध मंदिर हैं। यह शहर यात्रा करने वाले हर व्यक्ति पर निश्चित रूप से एक स्थायी छाप छोड़ती है। सभी को दशाश्वमेध घाट पर होने वाली सांयकालीन गंगा आरती अनुभव करनी चाहिए। यह जीवंत शहर अपने स्ट्रीट फूड और बनारसी रेशम साड़ी के लिए प्रसिद्ध है। वाराणसी की यात्रा एक आध्यात्मिक पवित्रता का अनुभव है।

शंसापत्र