ब्रज परिपथ

उत्तर प्रदेश में ब्रज क्षेत्र भगवान कृष्ण के जीवन का अभिन्न अंग रही प्राचीन भूमि है। यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश के तीन शहरों आगरा, मथुरा और वृंदावन में निहित है, जहाँ सामंजस्य और अनुराग को महसूस किया सकता है। यहां का इतिहास और किंवदंतियाँ आपके जेहन में सहजता से जगह बन सकता है। ब्रज में मंदिर और स्थापत्य इतिहास की एक सीधी यात्रा है। ब्रज क्षेत्र में आगरा महान मुगल सम्राटों के साम्राज्य की भी गद्दी थी। यहाँ प्रसिद्ध ब्रज होली से लेकर विभिन्न मेलों और त्यौहारों के विभिन्न समयों पर विभिन्न अनुभव लिये जा सकते हैं।

आगरा

ताजमहल के लिए प्रसिद्ध आगरा मुगल साम्राज्य की राजधानी भी था। आगरा की यात्रा आगरा के किले और फतेहपुर सीकरी की शानदार वास्तुकला के साथ मुगलों के इतिहास की शानदार यात्रा है। विश्व प्रसिद्ध ताजमहल एक खूबसूरत संगमरमर का स्मारक है, जहाँ हर किसी को जाना चाहिए। सैलानी यहाँ की गलियों में कला और शिल्प के समृद्ध बाजार से खरीददारी कर सकते है और मुगल शैली के बागीचों की सैर का लुफ्त उठा सकते है।

वृंदावन

वृंदावन शहर एक ऐसा स्थान है जहाँ भगवान कृष्ण ने लीलाओं का प्रदर्शन किया और अपनी बांसुरी बजाई थी। यह ऐतिहासिक शहर मीराबाई, सूरदास और वल्लभाचार्य की कविताओं के माध्यम से अमर है। इस स्थान में भगवान कृष्ण को समर्पित कई मन्दिर हैं जिनकी वास्तुकला शानदार है। जैसे कि रंगजी मंदिर, बाँके बिहारी मंदिर, राधा माधव मंदिर और इस्कॉन मंदिर।

मथुरा

मथुरा ब्रज क्षेत्र का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि यह भगवान कृष्ण का जन्मस्थान है। यह शहर आगरा से एक घंटे दूर है और यमुना नदी के तट पर स्थित है। यह शहर खूबसूरत मंदिरों, संगीत, कला और नृत्य से गहरा नाता रखता है। इन सब में आप प्रति दिन भगवान कृष्ण को जीवंत होते देख सकते हैं। चारकुला नृत्य, रासलीला और सुंदर मंदिर यहाँ आपकी जिज्ञासा को बढ़ायेंगे, उत्साहित करेंगे और आप असीम आनंद का अनुभव करेंगे।

शंसापत्र